गुरुवार, 11 अप्रैल 2019

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 क्या आप भी है रक्तचाप ( Blood Pressure ) से परेशान ?

ह्रदय रोग ( Cardiovascular disease) हमारे देश में मृत्यु का मुख्य कारण है | परंतु अधिकतर मृत्यु का कारण उच्च रक्तचाप (high blood pressure) होता है |



 blood pressure disease

 Blood pressure






हमें यह मानकर चलना चाहिए कि उच्च रक्तचाप द्वारा हमें अधिक काम करना पड़ता है | अधिक काम करने से हृदय के पट्टे मोटे हो जाते है, और बढ़ जाते हैं |  जिस कारण हृदय रक्त का पंप करने में कमजोर हो जाता है | जिस कारण रक्त फेफड़ों में तथा शरीर के अन्य भागों में एकत्रित हो जाता है |  अधिक रक्तचाप का प्रभाव जब त्वचा पर पड़ता है |  तो नाड़ी किसी कमजोर स्थान से कट जाती है |

उच्च रक्तचाप (high blood pressure) का मतलब यह है, कि किसी व्यक्ति का रक्तचाप हर समय ऊंचा रहे तभी हमें मानना चाहियें कि यह रक्तचाप का मरीज है | कई बार रक्तचाप मानसिक स्थिति से अथवा अधिक व्यायाम,परिश्रम करने से भी बढ़ जाता है |

रक्तचाप की बीमारी किसी एक कारण से नहीं होती इसके होने के के कारण मिल जाते हैं |

उच्च रक्तचाप के कोई लक्षण नहीं होते कई बार बीमार लोगों को ज्ञात ही नहीं होता कि उन्हें ब्लडप्रेशर हैं |  इसीलिए से "मौन घातक" रोग कहते हैं |

अगर उच्च रक्तचाप का उपचार नहीं किया जाए तो 4 से 5 सालों में यह मरीज की जान ले लेता है कई बार तो 1 साल के अंदर ही असर पर डालता है |

 उच्च रक्तचाप का रोग केवल बहुत बड़े अफसरों को तथा जिम्मेदारी वाले व्यक्ती को ही नहीं होता बल्कि आराम ग्रस्त युवओं को एवं  बच्चों को भी हो जाता है |

उच्च रक्तचाप एक बहुत ही भयंकर बीमारी है भले ही यह हल्की शक्ल में हो या सख्त  शक्ल में हो  इसका उपचार अवश्य एवं शीघ्र करना चाहिए |

उच्च रक्तचाप के रोगियों को नींद भरपूर लेनी चाहिए | अगर नींद ना आए तो भी आराम से लेटे रहे तो भी रक्तचाप कम हो जाता है |

उच्च रक्तचाप के रोगियों को चाहिए कि वह अपना वजन नियंत्रित करें अधिक ना खाएं और मोटापे से बचे रहें | यदि आपका वजन अपेक्षा से अधिक है तो अपना वजन कम करें |

तंबाकू सेवन का रक्तचाप पर बहुत खराब प्रभाव पड़ता है, इसलिए रक्तचाप के रोगियों को तंबाकू का सेवन नहीं करना चाहिए |  सैक्स ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है परंतु उसका असर थोड़े समय के लिए ही रहता है अतः सैक्स का बहिष्कार करने की जरूरत नहीं है |

उच्च रक्तचाप वाले व्यक्तियों को अपना जीवन क्रम बदल लेना चाहिए , लोगों से बहस में नहीं पड़ना चाहिए , और अपने कार्यों को बहुत ही नियंत्रित ढंग से करना चाहिए , व्यायाम बहुत आवश्यक है आधे घंटे के सैर और थोड़ा  व्यायाम योग आसन पर्याप्त है   परंतु किसी तरह के मुकाबले में खेलें अपने आप को अधिक थका देने वाले खेल ना खेलेंं | 

रक्तचाप से पीड़ित व्यक्तियों को चाहिए कि मैं जब भी अवसर मिले अपना काम छोड़कर बाहर सैर के लिए अवश्य  जाएंं  | हमारे भारत देश में कई ऐसी जगह है जहां मरीजों को रिलैक्स करना सिखाते हैं |

रक्तचाप के मरीज प्राकृतिक इलाज में आस्था रखें प्राकृतिक इलाज रक्तचाप कंट्रोल करने में सक्षम है |

अगर आप लंबे समय तक जीवन जीना चाहते हैं और अपने दोस्तों को भी लंबी उम्र तक देखना चाहते हैं , तो आप उन्हें सलाह दीजिए, कि वह अपने ब्लडप्रेशर की जांच कराएं तथा प्राकृतिक चिकिस्ता के नियमों का पालन करें |

सफेद चीनी का सेवन बंद कर दें, अगर मीठी चीज खानी है, तो मीठे फल अथवा गन्ना चूस कर इच्छा पूरी कर सकते हैं | 

कम खाना , कम सोचना और अधिक विश्राम करने का ध्यान रखें | कठिन कामों से ब्लड प्रेशर नहीं होता परेशान और चिंताग्रस्त रहना रक्तचाप को निमंत्रण देता है |

अपने कामों में रुचि लेने का ध्यान रखें आत्मविश्वास एवं सच्चाई से जीवन व्यतीत करें चिंता मुक्त एवं प्रसन्न चित्त रहें क्रोध भावुकता एवं मानसिक तनाव से बचें कम से कम 6 से 7 घंटे विश्राम करें |

 नमक खाना छोड़ दें या कम कर दें | शराब का सेवन ना करें शराब से ह्रदय को नुकसान होता है अतः शराब से बचना चाहिए |

सोमवार, 8 अप्रैल 2019

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क्या आप अधिक पतले है ? तो करे यह उपाय   

दोस्तों जिस तरह अधिक मोटापा स्वस्थ शरीर के लिए अभिशाप है | उसी तरह अधिक पतला होना भी एक स्वस्थ शरीर में बीमारी के लक्षण दर्शाता है | और भी ना जाने कितनी ही समस्यओं का सामना करना पड़ता है | अधिक पतले व्यक्ति को अपने जीवन में | आज हम आपको शहद के एक ऐसे गुण के बारे में बता रहे है | जिससे आप अपना वजन बढ़ा सकते है |  



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अधिकतर पतले व्यक्ति वजन बढ़ाने के लिए गरिष्ठ भोजन एवं पौष्टिक आहार का अधिक सेवन करते हैं | परंतु पाचन क्रिया दुर्बल होने के कारण ऐसा आहार हजम नहीं होने से कब्ज, गैस, अपच, दस्त एवं दुर्बलता बढ़ती है | दुर्बल व्यक्ति जितना आहार खाता है इसमें से थोड़ा हिस्सा ही हजम कर पाता है | और शेष भाग बिना पचे ही निकल जाता है |  वास्तव में शरीर का दुर्बल भोजन के पोषक तत्वों की कमी होना नहीं बल्कि हमारे पाचन यंत्रों का शिथिल और मंद होना है | ऐसे रोगियों को गरिष्ठ भोजन की आवश्यकता नहीं |  बल्कि पाचन और पोषण यंत्रों को ठीक करने की है | अगर यह यंत्र ठीक कर दिए जाएं तो उनके वजन बढ़ाने में कोई कठिनाई नहीं आ सकती

शहद एक ऐसा भोज्य पदार्थ है इसके उपयोग से पाचनतंत्र को इस को पचाने के लिए परिश्रम नहीं करना पड़ता है आधे घंटे में हजम हो कर यह तुरंत रक्त में मिल जाता है  शहद पाचनतंत्रो की शिथिलता भी दूर करता है | सुबह-शाम  गर्म दूध में दो चम्मच शहद डालकर धीरे-धीरे एक-एक घूंट करके पीना चाहिए | नाश्ते में केला और शहद मिलाकर भी लिया जा सकता है | 


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 Pure Honey




दुबले-पतले कमजोर रोगी, बूढ़े और दूध पिलाने वाली माताएं भी इसका स्थाई सेवन  करके अपना वजन और ताकत बढ़ा सकते हैं |  शहद में वह सब पोषण तत्व पाए जाते हैं |  जिनकी मनुष्य शरीर को आवश्यकता है | शहद मनुष्य के शरीर को ताकतवर बनाता है | और शरीर में चुस्ती-फुर्ती पैदा कर देता है | शहद खांड की भांति पाचन तंत्रो में खराश पैदा नहीं करता |  शहद खाते ही मनुष्य के अंदर नई शक्ति और उर्जा का संचार होता है |  

दोस्तों शहद हमारे लिए अमृत से कम नहीं है | बस इतना ध्यान रखे की शहद असली और प्राकृतिक होना चाहिए  शहद की शुद्धता की पहचान के लिए आप हमारा यह लेख पड़ सकते है |

                                                      असली शहद की पहचान कैसे करे 


रविवार, 7 अप्रैल 2019

Special on World Health Day


स्वस्थ रहने के कुछ महत्वपूर्ण सिद्धांत :

नमस्ते दोस्तों आज विश्व स्वास्थ्य दिवस है | इसलिए स्वस्थ जीवन के कुछ उपाय बता रहे है | अगर अच्छे लगे तो जरूर अपनाएं | 


World Health Day

 Healthy person



1. सुबह जल्दी उठना चाहिए | 4:30 बजे सुबह अथवा सूर्योदय से पहले तो बिस्तर छोड़ देना चाहिए | सुबह जल्दी उठने से आपको अपने लिए और जीवन में कई महत्वपूर्ण कार्यों को करने के लिए समय मिलेगा | अगर सुबह सुबह प्रसन्न होकर जागे एवं दिन की शुरुआत मुस्कुराते हुए करें | प्रतिदिन सुबह उठकर एक बार ठहाका लगाकर हँसना ( laughter yoga ) चाहिए | 

2. प्रतिदिन सुबह उठकर अपने हाथों को अपनी आँखों के सामने लाकर उन्हें देखे और ईश्वर का ध्यान करे | अगर हो सके तो इस मन्त्र का जाप करे |

कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती |
करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम ||  

3. सुबह उठकर अधिक पानी ना पियें | नित्यकर्म जाने से पहले एक गिलास पानी पी सकते है | सुबह अधिक  पानी पीने से गुर्दों को अधिक मेहनत करनी पड़ती है | मल-मूत्र त्यागने में समस्या आ सकती है | सुबह अधिक पानी पीने से ह्रदय एवं हड्डियों के रोग होने की संभावन बनी रहती है |

4. प्राणायाम ,मन्त्र जप , ध्यान साधना , कसरत , एवं योग आसन नियमित करे | सुबह उठकर घूमने अवश्य जायँँ

5. ध्यान करते समय गहरी और लम्बी साँस ले | और उन सांसो की और ध्यान केन्द्रित करे ऐसा प्रतिदिम करे और अभ्यास बढ़ाएँँ |

6.  छः सात  तुलसी के पत्ते रविवार छोड़कर प्रतिदिन सुबह चबा-चबा कर सेवन करे और थोडा पानी पियें | तुलसी के पत्ते दांतों में फसे नहीं रहने चाहिए | स्वस्थ शरीर के लिये तुलसी का सेवन बहुत ही महत्वपूर्ण है | हमारे शरीर के बहुत सारे रोगों का इलाज सिर्फ तुलसी ही कर देती है | तुलसी के सेवन से पित्त की बीमारियों में लाभ मिलता है , स्मरण शक्ति तेज होती है , शरीर में चुस्ती फुर्ती बनी रहती है , खांसी ,टीबी , मलेरिया , बुखार , ह्रदय रोग , मधुमेह , और कैंसर जैसे रोगों का इलाज तुलसी में ही छुपा है |

7. हर सप्ताह में दो -तीन दिन नीम के पत्तो का सेवन भी अवश्य करे | नीम के पत्तो से भी कई तरह की बीमारियों से बचाव होता है | इनमे मलेरिया और मधुमेह मुख्य है नीम के सेवन से खून भी शुद्ध साफ़ होता है |

8. भोजन में नाश्ता पेट भर कर करे दोपहर का खाना भी ठीक-ठाक ही करे परन्तु सांझ के भोजन में थोड़ी नरमी बरते अर्थात भोजन थोडा कम ही ले और भोजन के बाद तुरंत ना सोएं भोजन के बाद थोडा टहल ले |

9. खड़े होकर पानी बिल्कुल ना पिये | खड़े होकर पानी पीने से कमर का दर्द , घुटनों का दर्द , पिंडलियों के दर्द की शिकायत बनी रहती है |

10. रात्रि को सोते समय आपका सिर पूर्व अथवा दक्षिण की तरफ होना चाहिए |

11. ब्रह्मचर्य का पालन करे | निरोध का इस्तेमाल कभी ना करे एवं संयम - नियम से रहे  | एक तरफ स्वास्थ ज्ञान है और दूसरी तरफ  ब्रह्मचर्य तो स्वास्थ की दृष्टि से ब्रह्मचर्य का ही पलड़ा भारी होगा | जो संयमी है , ब्रह्मचर्य का पालन करता है उसे औषधि की क्या जरुरत | जिनकी बुद्धि विषय - विकारों में लगी है | वह बीमार और लाचार होकर जीते है |      
   

गुरुवार, 4 अप्रैल 2019

Garlic is the medicine of many diseases



क्या आप जानते है लहसुन के इन गुणों के बारे में ?



लहसुन का प्रतिदिन सेवन नजला , जुकाम और श्वास संबंधी रोगों के लिए वरदान है  लहसुन में पोटेशियम, जिंक और गंधक काफी मात्रा में पाए जाते हैं | जिनकी कमी से मधुमेह रोग (diabetes) होने की संभावना बनी रहती है |


Garlic is the medicine

 Garlic



अगर आपके मूत्र में शुगर आता है | तो आप लहसुन के रस का एक छोटी चम्मच का दिन में तीन बार सेवन करें आपके मूत्र में शुगर का आना रुक हो जाएगा | यह नुस्खा बहुत ही चमत्कारी है एक बार प्रयोग अवश्य करे |

लहसुन में एंटी बैक्टीरियल एवं एंटी वायरल गुण होते हैं | लहसुन पेट की गैस को तो दूर करता ही है साथ ही दमा, मधुमेह, गुर्दों की बीमारी एवं मर्दानगी की कमजोरी को दूर करने में लहसुन उपयोग का विशेष लाभप्रद है|

लहसुन में 3 प्रतिशत वाष्पशील तेल पाया जाता है जो छूत की बीमारियों के लिए बहुत ही उत्तम है यह तेल छूत की बीमारियों के कीटाणुओं को नष्ट करता है |

लहसुन खून में कोलेस्ट्रोल की मात्रा को कम करता है | जिससे लहसुन का प्रतिदिन सेवन करने से दिल का रोग (Heart disease) नहीं होता है अतः लहसुन का प्रतिदिन सेवन करने से श्वास संबंधी रोग , हृदय रोग एवं गुर्दों से संबंधित रोग नहीं होते | 

  

सोमवार, 1 अप्रैल 2019

Gooseberry beneficial in respiratory diseases



 श्वास संबंधी बीमारियों में गुणकारी है आंवला :


आंवला :

अलौकिक एवं आश्चर्यजनक फल है आंवला , आयुर्वेद में ऐसे इसे रसायन की संज्ञा दी गई है | आंवले के ताजे रस को शहद मैं मिलाकर या  ताजे आंवला फलों को चबाकर सेवन करने से श्वास रोगों में आश्चर्यजनक लाभ होता है |

 आंवले की चटनी प्रतिदिन प्रयोग की जा सकती है , ताजे आंवलो को काट कर या सूखे आंवलो को चार-पांच घंटे पानी में भिगोकर हरा धनिया तथा पुदीना के सहयोग से ताजी चटनी प्रतिदिन बनाई जा सकती है | यह चटनी स्वास्थ के लिए बहुत ही लाभदायक है |


Properties of amla

 आंवला 





आवंला एक त्रिदोषनाशक फल है , अर्थात यह अपने खट्टेपन के गुण से वात रोगों के लिए ,मीठे एवं ठंडक वाले गुण से पित्त रोगों को और कसैलेपन एवं रूखेपन वाले गुण से कफ़ को नष्ट करता है | इस तरह आंवला तीन तरह के रोगों के लिए बहुत ही हितकर है | और इन तीन रोगों वात,कफ़,पित से ही हमारे शरीर में बीमारियाँ जन्म लेती है |

आंवला कल्प से जिन बीमारियों में लाभ होता है वह है : "असमय बुढ़ापा , संधिशोथ , डायबिटीज , मधुमेह , तपेदिक , मोतिया बिन्द , उपदंश ,  हृदय रोग , कैंसर , दमा , कब्ज , ब्लडप्रेशर , पित्ताश्मरी , पेशाब में कष्ट , बालों का असमय सफेद होना , लीवर की बीमारियां  , नपुंसकता , त्वचा पर झुर्रियां " शायद ही कोई रोग हो जो आंवला कल्प से ठीक ना होता हो | आंवला कल्प से इंद्रियां बहुत सचेत हो जाती हैं , आंखो की रोशनी तेज हो जाती हैं , सूखे उलझे बाल चमकदार हो जाते हैं , पायरिया बिल्कुल ठीक हो जाता है , कर्कश एवं भोंडी आवाज भी मधुर हो जाती है , रंग खिल जाता है , खून बहते मसूड़े ठीक हो जाते हैं , बूढ़े जवान दिखने लगते हैं , और जवान एकदम चुस्त हो जाते हैं | 

सर्दी - जुखाम मेें आंवले का चूर्ण शहद में मिलाकर छांटें चाटे, अगर गर्मी का मौसम हो तो आंवले का चूर्ण फांक कर पानी के साथ पी जाएं | 

अगर छाती में कफ हो तो आंवले का चूर्ण शहद में मिलाकर चाटने से कफ के गुच्छे टूट कर निकल जाएंगे |  कफ को शरीर से बाहर निकालने के लिए आंवले का 50 ग्राम जूस प्रतिदिन पीने से शरीर में जमा पुराने से पुराना कफ भी बाहर निकल जाता है |