गुरुवार, 14 फ़रवरी 2019

Urinary disorder and their treatment


मूत्रविकार  (Urinary disorder) और उनके उपचार 

मूत्रविकार एक ऐसा रोग है जो महिला ,पुरुष ,बच्चे ,बुजुर्ग सभी को हो सकता है  यदि बहुमूत्र की शिकायत हो या मूत्र खुलकर न आता हो ,जलन होती हो या बच्चे बिस्तर मे ही मूत्र कर देते है उन सभी के लिए देसी नुस्खे है आप उन्हें अवश्य परखे |



 Urinary System




  1. बार-बार पेशाब आने पर 50 ग्राम भुने चने खाने के बाद थोडा गुड खाये ऐसा दो हफ्ते लगातार करने से बहुमूत्र की शिकायत दूर होगी बुजुर्गो को इसका सेवन ज्यादा दिन तक करना चाहिये ऐसा करने से पाचन शक्ति ठीक होती है |
  2. गुड और तिल से बना हुआ लड्डू खाने से बहुमूत्र की शिकायत कम होती है सर्दियों में इसका सेवन बहुत उपयोगी है |
  3. पेशाब यदि बार-बार और अधिक मात्रा मे आए तो भोजन के बाद दो केले खाने से यह समस्या दूर होती है अंगूर खाने से भी इस रोग मे लाभ होता है |
  4. यदि बच्चा सोते समय पेशाब करता है तो उसके मसाने कमजोर हो जाते है इसके लिए एक छुआरा धोकर अच्छे कपडे से साफ़ कर एक गिलास दूध में उबाले उस दूध को ठंडा करके बच्चे को पिला दे ऐसा एक हफ्ता लगातार करने से बच्चा सोते समय पेशाब नहीं करेगा |
  5. पेशाब बंद होने पर या रुक-रुक कर आने पर 1 लीटर पानी मे 50 ग्राम प्याज के टुकड़े उबाले खूब उबलने के बाद उसे छान ले छने हुए पानी मे शहद मिलाकर प्रतिदिन तीन बार पिये ऐसा करने से पेशाब खुल कर आता है |
  6. पेशाब बंद होने पर 5 नग प्याज लेकर उसको छीलकर चटनी बना ले उसमे उतना ही आटा मिलाकर गूँथ ले और हल्का गर्म करके पेट पर इसका लेप करे ऐसा करने से पेशाब खुलकर आता है |
  7. 2 ग्राम मिश्री और 2 ग्राम जीरा लेकर दोनों को पीसकर पानी के साथ लेने से रुका हुआ पेशाब खुल जाता है यह उपाय दिन मे तीन बार करे |

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