गुरुवार, 28 फ़रवरी 2019

10 best home remedies of mouth ulcer


मुंह के छालों का सरल एवं घरेलू उपचार  (Mouth ulcers)

मुखंं के छालों से होने वाली पीड़ा बहुत कष्टदायक होती है और स्वभाव भी चिडचिडा हो जाता है आप चाहे कितना भी स्वादिष्ट खाना खाये सब बेस्वाद हो जाता है मुह में जलन होती है सो अलग तो क्यूंं न मुखंं  के छालोंं से छुटकारा पाया जाए कुछ घरेलू नुस्खो के जरिए |

 Mouth ulcers



  • एक चम्मच फिटकरी  1 लीटर पानी में अच्छी तरह मिलाए इस पानी से दिन में चार बार कुल्ला करे |
  • रात में सोने से पहले छालों में मक्खन अथवा घी को छालों के ऊपर लगाने से छालों में होने वाली जलन शांत होती है और छाले जल्दी ठीक होते है |
  • सूखा नारियल चबाकर खाने से मुख के छालों में शीघ्र लाभ होता है |
  • छोटी पीपल को पीसकर शहद में मिलाए फिर इस लेप को जीभ एवं मुख के भीतर छालों में लगाए शीघ्र लाभ होगा |
  • मिश्री और इलायची को एक साथ चबाने से छाले जल्दी ठीक होते है |
  • गाजर के रस में थोड़ी सी फिटकरी डालकर कुल्ला करने से मुह और जीभ के छाले समाप्त हो जाते है |
  • चमेली के पत्ते पान की तरह चबाने से छालो में जल्दी आराम मिलता है |
  • भोजन करने के बाद नित्य एक चम्मच त्रिफला चूर्ण लेने से उदर ठीक रहता है और छाले भी नहीं होते |
  • ताजे बेलपत्र दिन में तीन -चार बार चबाये छाले जल्दी ठीक होंगे |
  •  अमरुद के पत्ते पर थोडा सा कत्था लगाकर चबाने से छालों में जल्दी लाभ मिलता है |

बुधवार, 27 फ़रवरी 2019

What nutrients do get from navel



नाभि में तरल पदार्थ लगाने के क्या शारीरिक लाभ है ?

जी हाँँ दोस्तों यह बात एकदम सत्य है कि नाभि में विभिन्न प्रकार के तरल पदार्थ लगाने से हमें विभिन्न लाभ होते है | यह तो आप सभी जानते है की जन्म से पूर्व हमें गर्भ में जो भी पोषण तत्व मिलते है वह सब हम नाभि के द्वारा ही ग्रहण करते है यह भी ठीक उसी प्रकार है | जब हम अपनी नाभि में तेल अथवा अल्कोहल,ब्रांडी लगाते है तो हमें उचित लाभ प्राप्त होते है |

 navel


नीम का तेल  

छोटा सा पिंंपल भी चेहरे की खूबसूरती को कम कर देता है | अगर आप भी है पिंपल्स से परेशान तो आजमाए यह नुस्खा | प्रतिदिन अपनी नाभि पर नीम का तेल लगाए इससे आपके चेहरे के  पिंपल्स जल्द ही गायब हो जायेंगे |

 Pinpal 

बादाम का तेल 

अगर आपकी त्वचा खुश्क -रुखी है | तो आप नाभि पर बादाम का तेल लगाए इससे आपकी त्वचा नर्म एवं मुलायम होगी और त्वचा एकदम ग्लोइंग होगी | बादाम के तेल का यह प्रयोग महँगी से महँगी क्रीमो को मात देता है | नाभि पर मक्खन लगाने से स्किन सॉफ्ट हो जाती है |

सरसों का तेल 

अगर आप के होंठ रूखे और काले है | तो नाभि पर सरसों का तेल लगाए यह प्रयोग होंठो को नर्म मुलायम एवं गुलाबी बना देता है |

 Lip 


 ब्रांडी 

अधिकतर महिलओं को हर महीने  पीरियड्स के दर्द से गुजरना पड़ता है | इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए काफी महिलाएं दवाओंं का सहारा लेती है | अगर आप चाहती है कि दर्द ना हो और दवाओंं  का भी सहारा ना लेना पड़े तो आप पीरियेड्स के समय नाभि पर ब्रांडी लगाएं और चमत्कार खुद देखे |

अल्कोहल 


बदलते मौसम में खांसी-जुकाम होना आम बात है | अगर आप खांसी -जुकाम के लिए दवा लेने जा रहे है | तो उससे पहले एक छोटा सा नुस्खा अवश्य आजमाएंं शायद आपको दवाई की जरुरत ही ना पड़े | इसके लिए नाभि पर थोडा सा अल्कोहल लगाए और आराम करे जल्द ही आराम मिलेगा |

मंगलवार, 26 फ़रवरी 2019

causes and treatment of dizziness


क्यों आते है चक्कर  (dizziness)और क्या है इलाज़ :

चक्कर आना अक्सर कमजोरी के लक्षण है कई बार ज्यादा देर तक एक जगह बैठने के बाद उठने पर  चक्कर आ जाते है लगातार खड़े रहने पर भी चक्कर आ जाते है कई बार तो चलते चलते या सफ़र करने पर भी चक्कर आ जाते है  इस समस्या से छुटकारा पाने के लिये कुछ देसी नुस्खे है |




 Dizziness 

 

  


चक्कर आने के घरेलू उपचार :

 
  1. ३ ग्राम मालकंगनी का चूर्ण सुबह शाम दूध के साथ लेने से दिमाग की कमजोरी दूर होती है और चक्कर नहीं आते |
  2. बच का 4 ग्राम चूर्ण खाने के बाद एक गिलास दूध पीने से दिमाग को शक्ति मिलती है |
  3. बादाम ,मुनक्का व मिश्री समान मात्रा में पीस ले फिर इनके छोटे-छोटे 8 से 10 ग्राम के लड्डू बना ले सुबह शाम एक-एक लड्डू दूध के साथ लेने से चक्कर नहीं आते और जुखाम ,खांसी ,कब्ज आदि भी दूर होते है |
  4. सौंफ ,सोंठ ,मुलहटी और मुनक्का के साथ बादाम गिरी मिलाकर खरल में अच्छी तरह घोंट ले फिर उसमे प्रवाल भस्म दो रत्ती मिलाकर सुबह शाम सेवन करने से चक्कर नहीं आते और दिमागी  कमजोरी दूर होती है | 
  5. 5 बूंद मालकंगनी का तेल मक्खन या मलाई  मे डालकर खाने से दिमाग की कमजोरी दूर होती है और चक्कर भी नहीं आते |

सोमवार, 25 फ़रवरी 2019

Treat eight diseases kind by garlic

लहसुन :

एक प्रकार का मसाला है लहसुन ,जो सब्जी आदि को स्वादिष्ट बनाने में प्रयोग किया जाता है | किन्तु लहसुन औषधीय तत्वों से भरपूर है | आइए जानते है ,लहसुन के गुण :-

 garlic 






1. हिस्टीरिया :  लहसुन को पीसकर रोगी को सुंघाने से बेहोशी दूर होती है |
2. कान का दर्द :  लहसुन को सरसों के तेल में पकाकर छान लेंं और उसकी दो तीन बूंदे कान में डालने से कान                             का दर्द ठीक हो जाता है |
3. अरुचि :   खट्टी डकारें और पेट में मरोड़ होने पर लहसुन, अदरक, धनिया, शक्कर और सेंधा नमक पीसकर चटनी बनाएं और भोजन के साथ इस्तेमाल करें खट्टी डकारें आना बंद हो जाएंगी |
4. कंठमाला :  लहसुन को सिल बट्टे पर अच्छी तरह पीसकर बारीक सूती कपड़े पर लगाकर पट्टी बाँधिए | कंठमाला की गांठे ठीक हो जाएंगी |
5. काली खांसी :  10 दाने लहसुन के लेकर दूध में पका लें और दोनों वक्त रोगी को पिलाएं | काली खांसी में शीघ्र ही आराम मिलेगा |
6. लकवा :  पहले दिन लहसुन की एक साबुत कली निगल जाएं दूसरे दिन दो कली इस तरह एक एक कली बढ़ाते जाएं 40 दिन तक दवा प्रयोग में लाएं लकवा ठीक हो जाएगा |
7.  हैजा :  यदि किसी को हैजा हो गया हो, तो लहसुन, कच्ची हींग और कपूर बराबर मात्रा में पीसकर चूर्ण बनाकर नींबू का रस मिलाकर रोगी को दें रोग ठीक हो जाएगा |
8. मलेरिया : मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से मलेरिया ज्वर होता है रोगी को 5 ग्राम लहसुन को 10 ग्राम तिल के तेल में पीसकर सेंधा नमक मिलाकर प्रातः काल खिलाए मलेरिया ज्वर उतर जाएगा |  

रविवार, 24 फ़रवरी 2019

14 Amazing Health Benefits of Pomegranate Eating



एक अनार सौ बीमार :

दोस्तों यह एक प्राचीन कहावत है | कि" एक अनार सौ बीमार " इस कहावत से ही यह अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं है | कि अनार हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेमंद है |

 pomegranate health Benefits



वैसे कंधारी अनार को सबसे अधिक गुणवान और श्रेष्ठ माना जाता है | जहांं तक स्वास्थ का सम्बन्ध है , तो अनार का रस ,अनार का शर्बत हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही उपयोगी सिध्द हुए है |

1.सौंदर्य बढ़ाने में अनार का महत्व :

यदि आप अपनी सुंदरता बढ़ाने के लिए केमिकल रहित क्रीम पाउडर अथवा अन्य श्रृंगार सामग्री उपयोग करते हैं | तो इसके बजाय आप अनार के छिलकों को सुखाकर बारीक पीसकर उसका पाउडर बना लें, और उसे गुलाब जल में मिलाकर उसको अपने चेहरे पर और पूरे शरीर पर उबटन की भांति मलेंं तो  शरीर के सारे चर्म रोग जाते रहेंगे चेहरे से दाग धब्बे समय से पूर्व पढ़ने वाली झाइयां भी गायब हो जाएंगे और चांद की भांति मुस्कुराता चेहरा नज़र आएगा |

2.पेट के रोगों में अनार के फायदे :

बढ़ते हुए पेट ( मोटापे ) से हर आदमी  चिंतित है | परंतु जब अनार हैं, तो ऐसी चिंता की जरूरत ही क्यों ? याद रखें हमारे शरीर में पेट का कार्य ऐसा है, जो हमारे शरीर को पूरा इधन देकर जीवित रखता है | परंतु जब पेट में खराबी आती है , तो तिल्ली , जिगर की कमजोरी , संग्रहणी , दस्त , कब्ज , पेट का दर्द , अंतड़ियों की सूजन जैसे रोग हमें घेर लेते हैं | यही नहीं इन रोगों के कारण हमारे शरीर का पूरा ढांचा बिगड़ जाता है  | इसलिए मैं आपको इन लोगों से मुक्त करवाने का रास्ता सब विस्तार से बता रहा हूं |

3.मोटापा :

अधिक मोटे लोगों को अनार का रस कम लेना चाहिए , क्योकि अनार रक्त वर्धक होने के कारण शरीर को मोटा करता है |

4.पेचिश संग्रहणी :

 15 ग्राम अनार के सूखे छिलके और दो लौंग लेकर उन्हें पीसकर एक गिलास पानी में 10 मिनट तक उबालें फिर उसे नीचे उतारकर बारीक कपड़े से छान लें | अब इसे दिन में तीन बार रोगी को पिलाते रहे तीन-चार दिन के सेवन से दस्त ठीक हो जाएंगे |
संग्रहणी रोग वालों को इसे लंबे समय तक पीते रहना चाहिए |

5.पेट दर्द :

अनार के दानो को निकालकर इसमें पीसी काली मिर्च और काला नमक मिलाकर चूसते रहे इससे पेट का दर्द ठीक हो जायेगा |

6.नाक से खून आना ( नकसीर ):

रोगी के नथनों में अनार का रस डालने से खून आना बंद हो जाता है | यदि पुराना बुखार साथ में हो भी हो तो भी ठीक हो जाएगा |

7.औरतों को अधिक मासिक धर्म आना :

अनार के सूखे छिलके पीसकर छान ले , इसमें यदी चाहे तो कुंजा मिश्री बारीक पीस कर मिला लें , इससे स्वाद बदल जाता है  ,और औरतों को खाने में भी आसानी होती है , इसे एक चम्मच दिन में तीन बार औरत को खिला देने से अधिक मासिक स्राव आना बंद हो जाएगा |

8.मुहंं से दुर्गन्ध और पानी आना :

अनार के छिलकों को सुखाकर उन्हें बारीक पीसकर सुबह-शाम ताजा पानी के साथ सेवन करने से यह रोग ठीक हो जाते हैं |

9.खांसी :

8. ग्राम अनार का छिलका 1. ग्राम काला नमक दोनों को मिलाकर बारीक पीस लें फिर इनमें दो चम्मच शहद मिलाकर छोटी-छोटी गोलियां बना लें , और एक गोली 1 घंटे के पश्चात मुंह में डालकर चूसते रहने से खांसी ठीक हो जाती है |

10.अधिक पेशाब का आना :

5 . ग्राम अनार के छिलके को पीसकर चूर्ण बना लें , इसे एक-एक चम्मच दिन में 2 बार 1 माह तक लेते रहने से पेशाब रोग ठीक हो जाते हैं |

11.खून की कमी :

विटामिन की कमी के कारण ही शरीर में खून की कमी आ जाती है | अनार का रस खून की कमी को पूरी तरह से दूर करने में समर्थ है | इसलिए ऐसे रोगी सुबह शाम दिन में दो बार अनार का रस पिएंं |

12.पागलपन के दौरे ( हिस्टीरिया ) :

20 . ग्राम अनार के पत्ते ,
20 . ग्राम गुलाब के ताज़ा फूल 
इन  दोनों को 600 . ग्राम पानी में उबाल लेंं , फिर इन्हें बारीक कपड़े में छानकर इसमें , 25 . ग्राम देसी घी मिला लेंं , प्रतिदिन सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से पागलपन(हिस्टीरिया ) के दौरे बंद हो जाते है  |

13.जिगर की खराबी :

जिन लोगों का जिगर खराब हो गया है , अथवा बढ़ गया है | उन्हें सुबह उठकर खाली पेट आधा गिलास अनार का रस काला नमक डालकर एक चम्मच पुदीने के रस के साथ एक माह तक निरंतर पीने से ठीक हो जाएगा |

14.भूख न लगना :

आधा गिलास अनार का रस त्रिफला के साथ सेवन करने से पेट के सारे रोग ठीक हो जायेंगे और भूख भी खूब लगने लगेगी |
जिन लोगो को गर्मी अधिक लगती हो वह प्रतिदिन 100 . ग्राम अनार के दाने अवश्य खाएं इससे अधिक गर्मी नहीं लगेगी |

शनिवार, 23 फ़रवरी 2019

how to stop loose motion




दस्तों के लिए सरल घरेलू उपचार : 


दस्त एवं पेचिश सच में बहुत बड़ी समस्या है | यदि सही समय पर इलाज ना किया जाए तो जानलेवा भी साबित हो सकते है  अतः विशेष रूप से सावधानी रखे और कुछ घरेलु नुस्खे है इन्हें अवश्य आजमाएंं |

 Loos motion





  1. दस्त लगने पर सौंंफ को देसी घी में भुनकर पीस कर उसमे थोड़ी शक्कर मिला ले | इस चूर्ण को सुबह - शाम खाये दस्त बंद हो जायेंगे |
  2. एक गिलास पानी में एक चम्मच सौंंफ डालकर 15 मिनट तक उबाले | अब उसे ठंडा होने दे हल्का गुनगुना होने पर इसमें काला नमक डालकर पिये ऐसा तीन से चार बार करने पर दस्त बंद हो जाते है |
  3. अनार के पत्तो के रस में शक्कर मिलाकर पीने से दस्त बंद हो जाते है |
  4. एक गिलास नारियल पानी ले उसमे एक चम्मच पिसा हुआ जीरा मिलाकर पी ले ऐसा करने से दस्त बंद हो जाते है |
  5. एक गिलास ठंडे पानी में नींबू का रस और काली मिर्च  मिलकर पीने से दस्त बंद हो जाते है | ऐसा दिन में तीन से चार बार करे |
  6. दही के साथ चावल खाने से भी दस्तो में आराम मिलता है |
  7. पके हुए बेल का गूदा दही के साथ खाने से भी दस्तो में आराम मिलता है |   

दोस्तों यह सभी सरल और देसी नुस्खे है | इन्हें उपयोग करने से कोई भी नुकसान नहीं होता लेकिन परेशानी ज्यादा हो तो डॉक्टर की सलाह अवश्य ले  |
                                                                  धन्यवाद   

शुक्रवार, 22 फ़रवरी 2019

Eat carrots, make health


गाजर :

गाजर में पोषक तत्व सबसेअधिक मात्रा में पाए जाते है | गाजर का रस तो हमारे शरीर के लिए अमृत समान है इसमें सबसे अधिक शक्ति होती है ,परन्तु इसके साथ मीठा कभी नहीं खाना चाहिए ,शुगर रोगियों के लिए गाजर खाना नुकसानदेह है इसलिए शुगर रोगियों को गाजर नहीं खानी चाहिए | 






गाजर में है आरोग्य शक्ति :

लगातार अधिक परिश्रम करने से हमारे शरीर में कमजोरी आ जाती है यह सब विटामिन की कमी के कारण होता है ,और गाजर में सर्वाधिक विटामिन पाए जाते है | दिन में एक से दो गिलास गाजर का रस अवश्य पिएंं |गाजर का रस पीना बहुत ही स्वास्थ्य वर्धक है , गाजर के रस का एक गिलास पूर्ण भोजन का काम करता है |गाजर के रस को जो लोग निरंतर पीते है उनके शरीर से दूषित और विषैैले पदार्थ बहार निकल जाते है जिसके कारण बड़े से बड़े असाधारण कैंसर जैसे रोग भी ठिक हो जाते है |


 स्मरण शक्ति बढ़ाती है गाजर :

जो लोग मंदबुद्धि हो अथवा जिनकी बुद्धि कमजोर हो और स्मरण शक्ति कम हो गई हो, उन्हें चाहिए कि वह सात बादाम खा कर एक गिलास गाजर का जूस पिएंं ऐसा करने से बुद्धि का विकास होगा और दिमागी कमजोरी दूर होगी |


जिन माताओं का दूध ना आता हो :

जिन महिलाओं के स्तनों से दूध कम निकलता है | यानी बच्चों के लिए दूध पुरा ना होता हो, उनके लिए गाजर का रस बहुत उपयोगी माना जाता है |


पेट के रोग :

गाजर के अंदर विटामिन b-complex काफी संख्या में मिलते हैं | जो पाचन संस्थानों को शक्तिशाली बनाते हैं गाजर का रस एक गिलास खाने के पश्चात हर रोज पीने से पेट रोग दूर हो जाते हैं |

गुरुवार, 21 फ़रवरी 2019

wonderful health benefits of spinach


पालक और हमारा स्वास्थ :

हरी सब्जियों में पालक की अपनी विशेषता है | इसका कारण यह भी हो सकता है कि इसमें विटामिन सी (Vitamin-c) भरपूर मात्रा में पाया जाता है | दूसरा कारण यह भी हो सकता है कि यह बहुत जल्द हजम हो जाता है |
 वैसे तो पालक में विटामिन ए,बी,सी तीनों ही पाए जाते हैं जिनसे हमारे शरीर को लोहा और कैल्शियम जैसे अनेक पदार्थ मिलते हैं जिनके सहारे हम अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते है |

 Spinach and Spinach Juice


हमारा शरीर और पाचन शक्ति :

  हमारे शरीर के अंदर पेट पाचन शक्ति का सबसे बड़ा केंद्र है, और उससे भी बड़ा केंद्र है हमारी आतें  जो सारा पाचन कार्य चलाती हैं , क्योंकि यह दिन रात चलती हैं और अपना कार्य उस समय तक चालू रखती हैं, जब तक मानव जीवन चलता है |
 परंतु आज हम लोग यह सब नहीं सोचते हमें इन बातों को सोचने का समय कहां है, हम तो यह भी नहीं जानते कि प्रकृति ने हमें जो जीवन दिया है, उसका तो कुछ भी मूल्य नहीं लिया यह सब कुछ जल ,वायु,अन्न जो इस धरती माँ से मिलता है , यह सब ईश्वर की ही देन है | और इसी अन्न को हम जीवन रक्षक मानते है |
   जिससे हमारा पेट पाचन शक्ति से हमारे शरीर के अंदर रक्त पैदा करता है यही रक्त हमारे जीवन की  गाड़ी का इंजन है परंतु कभी-कभी तो दिन-रात चलने वाली इस गाड़ी की सफाई की जरूरत पड़ जाती है |
 हमारे शरीर की  सफाई के लिए ही प्रकृति ने अनेक साग-सब्जियों ,जड़ी-बूटियों को धरती पर पैदा किया है , उन सब में से पालक भी एक ऐसी ही सब्जी है जिससे हमारे शरीर को शक्ति मिलती है और पालक का रस सफाई करके , पोषण करता है , कच्चे पालक के रस में प्रकृति ने हर प्रकार के  शुध्दिकारक तत्व रखे हैं |
 पालक संक्रामक रोग तथा विषाक्त कीटाणुओं से उत्पन्न रोगों से रक्षा करता है , पालक में पाए जाने वाले विटामिन ( ए )श्लेष्मा झिल्ली (mucous membranes) की सुरक्षा के लिए उपयोगी हैं |

फेफड़ो की जलन और खांसी :

जिन लोगों को पुरानी खांसी के कारण रात को नींद नहीं आती ,फेफड़ो में दर्द होता हो | तो उन्हें पालक के रस के कुल्ले करके थोडा सा रस शहद में मिलाकर सोने से पहले पीना चाहिए ऐसा करने से तुरंत लाभ होता है |

खून की कमी के लिए :

खून की कमी के कारण ही शारीरिक कमजोरी आती है | और इससे कई रोग हमारे शरीर में उत्पन्न होते है | इसलिए हर प्राणी को इस ओर पहले ध्यान देना चाहिए की खून की कमी को दूर करने के लिए पालक बहुत उपयोगी है |
खून की कमी को दूर करने के लिए पालक सबसे अधिक लाभदायक सिद्ध हुआ है अब आपको इसका  प्रयोग कैसे करना है ?
पालक का रस प्रतिदिन कम से कम  3 बार ले 
मात्रा एक बार  125 ग्राम
 यदि किसी कारणवश यह रस आपको कड़वा लगे और पीने में कुछ कठिनाई आती हो तो इसमें थोड़ा सा गुलाब या संदल का शरबत मिला लें | बच्चों के लिए उनकी आयु को देख कर ही खुराक कम करें |

लाभ :

इसके सेवन से आपके शरीर के विकार दूर होकर शरीर में नये खून का संचार होगा | शरीर में चुस्ती, फुर्ती और उत्साह के साथ हर काम को अपने आप करने का मन करेगा यही आपकी सफलता का रहस्य है |

खून साफ करने के लिए :

  हम अपने शरीर में खून की मात्रा बढ़ाने के साथ-साथ खून की सफाई पर भी ध्यान दें तो ही हमारे शरीर को  स्वस्थ लाभ मिल सकते हैं  |
 पालक के पत्तो को बारीक काटकर मुंग की दाल के साथ पकाकर उसकी सब्जी बनाकर खाने से खून साफ़ हो जायेगा 

दांत रोगों एवं पायरिया के लिए :

पालक का रस दांतों और मसूड़ों को मजबूत बनाता है | पायरिया के रोगियों को कच्चा पालक चबा-चबा कर खाना चाहिए सुबह उठकर पालक के रस का सेवन करने से पायरिया जड़ से चला जाता है|

आँखों एवं नज़र के लिए :

जिन लोगों की नजर कमजोर हो चुकी है  वह सुबह उठकर तीन चम्मच पालक का रस ताजा निकाल कर पिए तो नजर तेज हो जाएगी |

पथरी :

कई लोग यह मानते हैं कि पालक को निरंतर खाने से पथरी रोग हो जाता है | यह उनकी सबसे बड़ी भूल है वरना सत्य तो यह है कि कच्चे पालक का रस निकालकर पीने से पथरी गलकर पेशाब द्वार से बाहर निकल जाती है | और पेशाब रोग समाप्त हो जाता है |

पाचन शक्ति :

कच्चे पालक का आधा गिलास जूस हर रोज सुबह के समय पीने वालों के पेट के सारे रोग दूर हो जाते हैं |    पालक के साथ बथुआ मिलाकर सब्जी बनाकर खाने से कब्ज रोग दूर हो जाता है |

गले का दर्द :

गले के दर्द के कारण जो लोग दुखी हों , उन रोगियों को पालक के पत्ते उबालकर उनमें से पानी छान ले  फिर उसे थोड़ा सा गर्म रखकर नमक मिलाकर उसके गरारे करने से गले का दर्द एक दिन में गायब हो जाएगा |

बुधवार, 20 फ़रवरी 2019

get rid of the problem of cold heat in dentine



दांतों में ठंडा-गर्म लगने की समस्या को दूर करेंगे यह देसी और असरदार नुस्खे :

 Tooth Problems



 दांतों में ठंडा-गर्म लगना आज एक आम समस्या बन चुकी है | बच्चे,जवान,बुजुर्ग  सबके साथ यह समस्या एक आम बात है यह समस्या हर पांच में से तीन लोगो में देखी जा रही है |
 इस बीमारी के मुख्य कारण है,  दांतों में कीड़ा लगना ,कैविटी का होना या दांतों की इनेमल परत का घिसना 
दांतों के ऊपर इनेमल परत होती है जो कठोर आहार ,या ठंडे-गर्म खान पान से हमारे दांतों की  सुरक्षा करती है दांतों की अच्छी तरह सफाई ना करना भी इस समस्या का मुख्य कारण हो सकता है | इस समस्या से राहत पाने के लिए कुछ नुस्खे हम बता रहे है उन्हें अपनाने से आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते है |
  1. एक चम्मच सरसों के तेल में एक छोटी चम्मच सेंधा नमक मिलाकर इससे दांतों और मसुडोंं पर धीरे-धीरे मसाज करे और पांच मिनट बाद कुल्ला कर ले | 
  2.  एक गिलास हल्के गर्म पानी में एक चम्मच नमक मिलाकर रात को सोने से पहले इस पानी से कुल्ला करे 
  3. आपका  टूथब्रश साॅॅफ्ट होना चाहिय हार्ड टूथब्रश से दांतों में जल्दी समस्या आती है ,दांतों के बीच  गैप हो जाता है इस गैप की वजह से हमारे दांत जल्दी टूट जाते है |
  4. साधारण टूथपेस्ट की बजाय ख़ास टूथपेस्ट का इस्तेमाल करे जो स्पेशल इसी समस्या के लिए हो व्हाइटनर  युक्त टूथपेस्ट का इस्तेमाल ना करे इससे आपकी परेशानी बढ सकती है 
  5. जो चीजे ठंडी-गर्म लगती हो ,सिरका ,रेड वाईन , चाय ,आइसक्रीम और अम्लीय खट्टे फलो का सेवन ना करे अगर आप इनका सेवन करते है तो ब्रश अवश्य करे  शुगर वाली चीजो का सेवन कम करे क्योकि यह दांतों में तेजी से कैविटी बढ़ाते है |     

सोमवार, 18 फ़रवरी 2019

7 amazing home remedies for throat diseases


गले के रोग और उनके देसी उपचार 


गले के रोग अक्सर गलत खान-पान की वजह से होते है | सर्दियों में तो मौसम की वजह से गले में रोग होते है | लेकिन गर्मियों में हम खुद रोगों को दावत देते है | गर्मियों में हर किसी को ठंडा ही ठंडा चाहिए ज्यादा ठंडा खाने से गले में खराश हो जाती है | कभी-कभी तो परेशानी ज्यादा हो जाती है | गले में दर्द भी हो जाता है | 
अगर आपको भी कुछ ऐसी समस्या है | तो कुछ देसी नुस्खे है जो आपको इन परेशानियों से छुटकारा दिलाने में कारगर सिद्ध होंगे |


home made remedies

 throat diseases


  1. अगर गले में दर्द ,सूजन , या जलन है तो मुलहठी को मुहंं में डालकर चूसने से जल्दी राहत मिलती है |मुलहठी गले के लिए अत्यंत उपयोगी है |
  2. गुनगुने पानी में सिरका मिलाकर गरारे करने से गले के दर्द में जल्दी आराम मिलता है |
  3. गले के रोगों में जामुन की छाल के सत को पानी में घोलकर गरारे करने से जल्दी राहत मिलती है |
  4. अगर गले में सुजन है तो हरे धनिये को पीसकर उसमे गुलाबजल मिलाकर गले पर लेप करे |
  5. एक गिलास पानी में एक चम्मच अजवायन डालकर उबाले जब पानी आधा रह जाए इसे हल्का गुनगुना करके इससे गरारे करे इससे गले की सुजन , दर्द आदि में आराम मिलता है |
  6. शहद गले के रोगों में बहुत लाभदायक है | एक गिलास गर्म पानी में दो चम्मच शहद मिलाकर धीरे -धीरे पिये ऐसा करने से गले में राहत मिलेगी |
  7. अगर गले में खराश है तो गुनगुने पानी में नींबू का रस डालकर 2 - 3 बार गरारे करे | यह क्रिया लगातार कुछ दिन करने से गले की खराश और अन्य रोगों से छुटकारा मिलेगा |
  8. गले में जलन व सूजन होने पर पालक को पानी में उबाल ले फिर उसे पीस कर गले पर बाँध ले तुरंत लाभ होगा|

शनिवार, 16 फ़रवरी 2019

abdominal diseases and treatments


     उदर के रोग और उपचार :  

उदर के रोग मे सबसे बड़ी समस्या है की पेट खाली होने के बावजूद भूख न लगना और अगर भूख नहीं लगेगी तो शरीर मे कमजोरी आएगी जब  कमजोरी आएगी तो और बीमारिया साथ लाएगी इसलिए उदर के रोग का उपचार अति आवश्यक है | 





 abdominal




  1. भोज़न करने से पहले आधा गिलास अनन्नास का रस पीने से भूख लगने लगती है |
  2. अदरक भोज़न मे स्वाद तो लाता ही है साथ ही  उपापचय (metabolism) को ठीक रखता है 10 ग्राम अदरक को बारीक काट कर उसमे काला नमक मिला कर भोज़न करने से पहले सेवन करने से भूख तो बढती ही है साथ ही पेट की गैस भी साफ़ हो जाती है |
  3. केवड़े के फूल को आधा घंटे के लिए एक गिलास पानी में डाल दे फिर उस पानी को पी ले ऐसा करने से आपको भूख भी लगेगी और शरीर की सारी गर्मी निकल जायेगी और शरीर मे तरावट आ जायेगी |
  4. अनार का सेवन करते रहने से भूख बढती है |
  5. प्रतिदिन सुबह नींबू का रस एक गिलास पानी में डालकर पीने से भूख बढती है |
  6. दो छुआरो को एक गिलास दूध मे उबाले फिर उस दूध को छान कर पीने से भूख बढती है और खाना भी पच जाता है |
  7. जीरा,सोंठ,अजवायन,छोटी पीपल ,और काली मिर्च समान मात्रा में ले ले उसमे थोड़ी सी भुनी हींग मिला ले इन सब को बारीक पीस कर चूर्ण बना एक साफ शीशी मे रख ले एक गिलास मठ्ठे ,छाछ में थोडा सा चूर्ण डालकर सेवन करे ऐसा लगातार दो सप्ताह तक करने से भूख बढने लगती है और पेट भी ठीक रहता है | 
  8. सेब का सेवन करते रहने से भूख बढती है और रक्त भी साफ होता है |

शुक्रवार, 15 फ़रवरी 2019

The best ways to reduce obesity



 best tips for Reducing Obesity

अगर आप भी वजन घटाने के लिए तरह-तरह के उपाय एवं दवाइयां खाकर या अपने आहार में परिवर्तन करके थक चुके हैं और अपनी पुरानी फिटनेस दोबारा हासिल करने के लिए जांचे परखे नुस्खों की तलाश कर रहे हैं , तो हम जो बता रहे हैं  उन्हें अपनाएं और फर्क देखें |

हम बता रहे हैं आपको 10 ऐसी टिप्स जो आपका वजन कम करने में आश्चर्यजनक रूप से फायदा पहुंचाएंगी |







 ज्यादा से ज्यादा घर पर बना खाना ही खाएं  :

हम आपको घर पर बना खाना खाने के लिए इसलिए कह रहे हैं ताकि जितना संभव हो सके उतना आप बाहर का खाना खाने से बचे रहे क्योंकी अधिकांश रेस्तरां और फास्टफूड केंद्र "फ्रोजेन" सब्जियों और मांस का उपयोग करते हैं | और वहां परोसे जाने वाले भोजन में आमतौर पर बसा और नमक की मात्रा अधिक होती है |
इसके अलावा वह भोजन आपके सामने तैयार नहीं होता है इसलिए उसकी शुद्धता एवं गुणवत्ता के बारे में आप अनभिज्ञ रहते हैं |
वहीं घर पर बना खाना ना केवल एक स्वस्थ और स्वच्छ विकल्प है बल्कि यह आपके पैसे बचाने में भी मदद करता है |

 family eating





 सुबह का नाश्ता जम कर करे :

सुबह का नाश्ता बहुत ही महत्वपूर्ण है | क्योंकी अगर हम सुबह नाश्ता नहीं करते है तो हमारे मन में  उच्च कैलोरी युक्त भोजन करने की इच्छा प्रबल होती है और उच्च कैलोरी युक्त भोजन हमारे शरीर को फिट रखने में सहायक नहीं होते |
   सुबह का नाश्ता भर पेट करने का यह मतलब नहीं है की जो मन में आया खा लिया | सुबह का नाश्ता सम्पूर्ण भोजन की तरह होना चाहिए , जिसमे महत्वपूर्ण पोषक तत्व , प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेड भरपूर मात्रा में हो |

 eating healthy




तीखा और मसालेदार खाना भी खाए  :

तीखा और मसालेदार खाना भी अवश्य करना चाहिए , क्योंकी हम सभी जानते है की मिर्च वसा को जलाती है , और हमारे चयापचय को तेज़ करती है | 
तीखा खाना खाने का एक कारण यह भी है की जब हम तीखा खाना खाते है तब हमारे खाना खाने की रफ़्तार तीखेपन के कारण कम हो जाती है जिसकी वजह से हम कम खाना खा पाते है | लाल अथवा हरी मिर्च का एक छोटा सा हिस्सा हमें जरुरत से ज्यादा खाना खाने से रोकता है | 
 एक बात का अवश्य ध्यान रखे की खाना तीखा हो किन्तु चिकनाई युक्त (Lubricated) ना हो |

 spice food





हर्बल चाय (Tae) :

जी हां दोस्तों वजन घटाने का और फिट रहने का यह एक बहुत ही असरदार नुस्खा है और इसे तैयार करने में मात्र कुछ मिनट ही लगते हैं | एक कप उबले हुए पानी में आधा छोटा चम्मच दालचीनी पाउडर डाले और इसे  थोड़ा ठंडा होने दें फिर एक छोटा चम्मच कच्चा शहद मिला दे दिन में दो बार यह चाय पिएंं "सुबह के नाश्ते से आधे घंटे पहले और दूसरा रात में सोने से आधे घंटे पहले" और सिर्फ 1 महीने के अंदर आपको अपने शरीर में एक नया बदलाव नजर आने लगेगा |

 herbal-tea




मुसली ( अन्न और फलो का मिश्रण ) :


मुसली के बारे में अगर आप इंटरनेट पर खोजेंगे तो बहुत सारे web page खुल जायेंगे तब आप जान सकते है की मुसली क्या है | अन्न और फलो के मिश्रण को ही मुसली कहते है | बहुत सी कंपनी इसे पैकिंग करके बेच रही है |लेकिन पैक की हुई मुसली में अधिक शुगर होती है इसलिए अगर आप इसे घर पर ही बनाये तो बहुत ही उत्तम आहार है | मुसली में उच्च मात्रा में फाइबर सामग्री होती है , इसलिए इसे पचने में अधिक समय लगता है और लम्बे समय तक आपको भूख नहीं लगती | वजन घटाने के लिए मुसली एक सर्वोत्तम उपाय है |


अजमोदा की चाय :

अजमोदा के इस्तेमाल कई बीमारियों में किया जाता है जैसे - वात ,कफ़ ,पित्त और इसके जूस से गर्भाशय की सफाई भी होती है सीर दर्द को दूर करता है अजमोदा ,
लेकिन हम बात कर रहे है अजमोदा चाय की इसकी चाय बनाने के लिए उबलते पानी में थोडा सा अजमोदा डाले और लगभग 10 मिनट तक इसे उबलने दे ,उसके बाद इसे छानकर अजमोदा को अलग कर दे ,और अलग किये हुए पानी यानी अजमोदा की चाय को पिएंं | यह चाय शरीर से विषैैले तत्व निकाल कर बहार कर देती है | अगर आपके शरीर में सुज़न है तो उसे भी ख़त्म कर देगी | इस चाय में विटामिन ए ,के और कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है |

साबूदाना   :

साबूदाना एक बहुत ही  स्वदिष्ट भोजन है और इसमें सोडियम भी कम होता है और यह ग्लूटेन रहित होता है यह एक धीमी गति से पचने वाला आहार है इसलिए इससे लम्बे समय तक पेट भरा रहता है | इसलिए इसे व्रत एवं  उपवास में बहुत ही चाव से खाया जाता है | तो साबूदाने को व्रत उपवास के अलावा अपने नियमित आहार में अवश्य शामिल करे |

व्यायाम :

व्यायाम हमारे शारीरिक स्वाथ्य के लिए कितना मत्वपूर्ण है यह हम सभी जानते है | व्यायाम ना सिर्फ हमारे शरीर को स्वथ्य रखता है यह हमारे दिमाग को भी शांत करता है और यह हमारे बालो और त्वचा के लिय भी बहुत फायदेमंद है | 
व्यायाम उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी है जो वज़न कम करने के तरीके ढूंढ रहे है ,व्यायाम तनाव को दूर करता है और असुंंतलित हार्मोन को संतुलित करता है , यह दोनों समस्याएं तनाव और असुंतलित हार्मोन वज़न बढ़ाने में योगदान देती है |

 Yoga




home made remedies for hemorrhoids


बवासीर  (Hemorrhoids)

बवासीर के रोगियों के लिए देसी औषधियो मे रामबाण नुस्खे है इन्हें अपनाने के बाद अतिरिक्त आहार पर भी ध्यान दे |

 hemorrhoids disease




  1. मस्से ज्यादा परेशान कर रहे हो तो 20 ग्राम मक्खन दूध की मलाई के साथ 10 ग्राम फिटकरी में मिलाए फिर इसका मस्सो पर लेप करने से बवासीर में आराम मिलता है |
  2. सूखे आंवले का चूर्ण  6 ग्राम की मात्रा में सुबह शाम दूध के साथ लेने से बवासीर में लाभ मिलता है |
  3. खुनी बवासीर के लिए -गेंदा के हरे पत्ते 10 ग्राम  5 दाने काली मिर्च ,कुंजा मिश्री 10 ग्राम 60 ग्राम पानी में अच्छी तरह मिलाए फिर इसे छान ले 4 दिन तक दिन मे एक बार पिये गर्म चीज न खाए और कब्ज न होने दे बवासीर में जल्द ही लाभ मिलेगा |
  4. खुनी बवासीर में फिटकरी को पानी मे घोल ले फिर इस पानी का गुदा पे छिडकाव करे शीघ्र आराम मिलेगा इसके आलावा दही में फिटकरी का चूर्ण मिलाकर सुबह शाम सेवन करने से बवासीर में लाभ मिलता है |
  5. सतगिलोय को मक्खन में मिलाकर खाने से बवासीर में शीघ्र आराम मिलता है |

best home remedies for gonorrhea disease

सूजाक रोग क्या है :

 सूजाक रोग एक संंक्रामक और बहुत कष्टकारी रोग है | यह रोग स्त्री- पुरुष दोनों को हो सकता है |सूजाक रोग ओरल सैक्स और संंक्रमण के कारण होता है | इसका इलाज़ देसी एवं घरेलु दवाइयों से संभव है | जो फल-सब्जी और अन्य रूप में हमारे आस-पास उपलब्ध है |


  home remedies for gonorrhea disease

                                                                                 

तरबूज से सूजाक का इलाज़ :

 watermelon


एक तरबूज लें और उसे इस तरह से काटें कि वह फिर से ढंंका जा सके कटे हुए भाग में 100 ग्राम   कलमी शोरा, 50 ग्राम मिश्री मिलाकर ढंंक दें दूसरे दिन तरबूज के रस को बारीक कपड़े से छान लें और सुजाक के मरीज को पिलाएं | कम से कम 15 दिन तक यह दवा पिलायें | सुजाक से जल्द ही आराम मिलेगा |



गन्ने से सूजाक का इलाज़ :

 Sugarcane


आधा गिलास गन्ने के रस में आधा गिलास आंवले का रस मिलाकर पीने से सूजाक रोग जल्दी ठीक होता है |



केले से सूजाक रोग का इलाज़ :

 Banana flowers


10 ग्राम केले के फूल को छाया में सुखाकर पीसकर चूर्ण बनाएं फिर 10 ग्राम चूर्ण में 10 ग्राम कलमी शोरा डेढ़ लीटर पानी में मिलाकर मिट्टी के घड़े में रख दें | दूसरे दिन आधा लीटर दूध मिलाकर सुजाक के मरीज को थोड़ा-थोड़ा पिलाएं पहले दिन रोगी को किसी प्रकार का भोजन ना दें खट्टी,तीखी और तेल वाली चीजों से परहेज करें |



7 superficial home remedies for jaundice



पीलिया रोग और उपचार    :

पीलिया रोग में व्यक्ति के शरीर पर पीलापन छा जाता है और शरीर बेहद कमजोर हो जाता है घरेलु नुस्खो का प्रयोग पीलिया रोग में बेहद लाभकारी है |


  herb for jaundice



नुस्ख़े : 

  1. बिना मिर्च मसाले वाली  कच्चे पपीते की सब्जी खाने से और पका पपीता खाने से पीलिया रोग समाप्त होता है |
  2. गाजर का रस पीने से पीलिया रोग जड़ से मिट जाता है गाजर पीलिया रोग की प्राकृतिक औषधि है |
  3. गन्ने के रस में थोडा सा अदरक का रस मिलाकर पीना पीलिया रोग में लाभकारी है दिन में दो बार अवश्य पिये |
  4. पुनर्नवा की जड़ और पांच तुलसी के पत्ते दोनों को पीसकर 50 ग्राम पानी में मिलाकर पीने से पीलिया रोग शांत हो जाता है |
  5. पीलिया के रोग में तरबूज़ का सेवन बहुत लाभकारी है क्योकि तरबूज खून को बढाता है और खून को साफ़ करता है त्वचा रोगों में भी तरबूज बहुत लाभकारी है |
  6. नीम की पत्तियों का एक चम्मच रस और एक चम्मच शहद दोनों को मिलाकर प्रातः काल सेवन करने से पीलिया रोग जड़ से चला जाता है |
  7. एक चम्मच मूली के पत्तो का रस ले उसमे 10 ग्राम मिश्री मिला ले सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से पीलिया रोग जड़ से समाप्त हो जायेगा ,किन्तु दो माह तक हल्दी और दूध का सेवन ना करे |  

गुरुवार, 14 फ़रवरी 2019

Urinary disorder and their treatment


मूत्रविकार  (Urinary disorder) और उनके उपचार 

मूत्रविकार एक ऐसा रोग है जो महिला ,पुरुष ,बच्चे ,बुजुर्ग सभी को हो सकता है  यदि बहुमूत्र की शिकायत हो या मूत्र खुलकर न आता हो ,जलन होती हो या बच्चे बिस्तर मे ही मूत्र कर देते है उन सभी के लिए देसी नुस्खे है आप उन्हें अवश्य परखे |



 Urinary System




  1. बार-बार पेशाब आने पर 50 ग्राम भुने चने खाने के बाद थोडा गुड खाये ऐसा दो हफ्ते लगातार करने से बहुमूत्र की शिकायत दूर होगी बुजुर्गो को इसका सेवन ज्यादा दिन तक करना चाहिये ऐसा करने से पाचन शक्ति ठीक होती है |
  2. गुड और तिल से बना हुआ लड्डू खाने से बहुमूत्र की शिकायत कम होती है सर्दियों में इसका सेवन बहुत उपयोगी है |
  3. पेशाब यदि बार-बार और अधिक मात्रा मे आए तो भोजन के बाद दो केले खाने से यह समस्या दूर होती है अंगूर खाने से भी इस रोग मे लाभ होता है |
  4. यदि बच्चा सोते समय पेशाब करता है तो उसके मसाने कमजोर हो जाते है इसके लिए एक छुआरा धोकर अच्छे कपडे से साफ़ कर एक गिलास दूध में उबाले उस दूध को ठंडा करके बच्चे को पिला दे ऐसा एक हफ्ता लगातार करने से बच्चा सोते समय पेशाब नहीं करेगा |
  5. पेशाब बंद होने पर या रुक-रुक कर आने पर 1 लीटर पानी मे 50 ग्राम प्याज के टुकड़े उबाले खूब उबलने के बाद उसे छान ले छने हुए पानी मे शहद मिलाकर प्रतिदिन तीन बार पिये ऐसा करने से पेशाब खुल कर आता है |
  6. पेशाब बंद होने पर 5 नग प्याज लेकर उसको छीलकर चटनी बना ले उसमे उतना ही आटा मिलाकर गूँथ ले और हल्का गर्म करके पेट पर इसका लेप करे ऐसा करने से पेशाब खुलकर आता है |
  7. 2 ग्राम मिश्री और 2 ग्राम जीरा लेकर दोनों को पीसकर पानी के साथ लेने से रुका हुआ पेशाब खुल जाता है यह उपाय दिन मे तीन बार करे |

बुधवार, 13 फ़रवरी 2019

home remedies for malaria disease

मलेरिया :

अगर आप भी मलेरिया से पीड़ित है और डॉक्टर की दवाई से भी कोई लाभ नहीं है तो यह देसी नुस्खे अवश्य ही लाभ पहुचाएंगे |

 mosquitoes




  1. एक चम्मच सादा नमक ले उसे तवे पर हल्का भूरा होने तक गरम करे अब यह नमक गुनगुने पानी के साथ रोगी को खिला दे ऐसा दिन में तीन बार करने से रोगी स्वस्थ हो जायेगा |
  2. 5 ग्राम गुड और 2 ग्राम कपूर मिलाकर 12 गोली बनाए दिन में तीन बार 1 से 2 गोली लेने से मलेरिया ठीक हो जाता है |
  3. एक चम्मच सादा नमक ले उसे तवे पर हल्का भूरा होने तक गरम करे, अब आधा नींबू ले उसे हल्का गरम करे फिर उस पर भुना हुआ नमक भुरक ले अब रोगी को उसे चटाये मलेरिया ज्वर में जल्दी ही आराम मिलेगा |
  4. मलेरिया होने पर एक नींबू को लोहे के बर्तन में 1 लीटर पानी में डाल कर पकायें  जब पानी आधा रह जाए तब उस पानी को गुनगुना कर रोगी को पिलाने से आराम मिलता है |
  5. तुलसी के पत्ते और काली मिर्च को पीसकर चने के बराबर गोली बना ले सुबह शाम एक एक गोली ले मलेरिया में अतिशीघ्र आराम मिलेगा |

home remedies for beauty

अब करेला भी करेगा आपकी त्वचा की देखभाल :

दोस्तों हर कोई सुन्दर और स्वस्थ रहना चाहता है | नारी हो या पुरुष सब यही चाहते है की हम सुन्दर और स्वस्थ रहे | लेकिन सुन्दर और स्वस्थ रहने के लिए खान-पान पर विशेष ध्यान देना पड़ता है | आज हम आपको करेले के गुणों के बारे में बता रहे है | करेला स्वास्थ्य के लिए तो लाभदायक है |
" परन्तु करेले की पत्तियों से हम कैसे अपनी त्वचा की देखभाल करे ?"   

bitter gourd



अपने चेहरे की खोई हुई सुन्दरता और चमक पाने के लिए अब आपको ज्यादा मेहनत करने की जरुरत नहीं है |
क्योकि आज हम आपको करेले के ऐसे गुणों के बारे में बताने जा रहे है | जिन्हें प्रयोग करके आप अपने चेहरे की खोई हुई सुन्दरता ,चमक दोबारा पा सकते है | और पिंपल्स के दाग भी मिटा सकते है |

 अपने चेहरे की खोई हुई सुन्दरता पाने के लिए आपको नियमित रूप से करेले का सेवन करना होगा |

 अपने खाने में करेले को जरुर शामिल करे | प्रतिदिन करेले के सेवन से खून साफ़ होता है | जिससे आपके चेहरे में पिंपल्स की समस्या नहीं होती करेले में भरपूर मात्रा में विटामिन मौजूद होता है |

 इसके अलावा इसमें एंटीआँँक्सीडेंट्स  मौजूद होते है | जो हमारी त्वचा को स्वस्थ रखते है | करेला एक अच्छे एंटी एंजिग के रूप में काम करता है | प्रतिदिन इसके सेवन हमारी त्वचा जवान नजर आती है |


 bitter gourd and leaves


चेहरे के दाग के लिए : 

अगर आपके चेहरे पर पिंपल्स के दाग है | करेले के पत्तोंं को पीस कर इसमें शहद मिलाकर अपने चेहरे पर लगाएंं | और सूखने के बाद ठंडे पानी से धो ले | ऐसा करने से आपके चेहरे से पिंपल्स के दाग साफ़ हो जायेंगे और आपके चेहरे में चमक आएगी |   

शुक्रवार, 8 फ़रवरी 2019

best home made remedies for skin diseases


चर्म रोग (Skin disease)


 चर्म रोग एक ऐसा रोग है जो अक्सर हमारे शरीर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है इस रोग की वजह से कई बार हमारे मन मे हीनता की भावना आ जाती है और कई बार हमें अपमानित भी होना पड़ता है हमारे द्वारा बताये गए देसी नुस्खे इस रोग में बहुत लाभकारी साबित होंगे |







  1. 5 ग्राम हरड़ का चूर्ण भोजन के 10 मिनट उपरान्त लेने से चर्म रोग नहीं रहता चर्म रोग में हरड़ बहुत उपयोगी है इसका सेवन करने से कैसा भी चर्म रोग हो वह नष्ट हो जाता है | 
  2. त्वचा की खुश्की एवं छूत के रोगों के लिए हल्दी के तेल से मालिश करना लाभदायक होता है |
  3. चर्म रोग में हल्दी की गाँठ से छाजन वाली जगह रगड़कर ऊपर से पीसी हल्दी का गाढ़ा - गाढ़ा लेप कर दे लाभ मिलने तक प्रयोग करे | 
  4. खाज ,खुजली ,छाजन ,कुष्ठ रोग में लहसुन को पानी के साथ पीसकर लगाने से शीघ्र आराम मिलता है 500 ग्राम लहसुन के रस में 100 मिली स्प्रिट डालकर रखे इसे रोग वाली जगह रुई की फुरेरी से लगाए जल्द ही लाभ होगा |
  5. आधा चम्मच गन्ने का सिरका और डेढ चम्मच शहद दोनों को मिलाकर चर्म रोग वाली जगह लगाने से सभी प्रकार के चर्म रोग ठीक हो जाते है |

how to make healthy herbal tea


Herbal Tea :



 herbal tea




इस मशीनी युग में हमारा शरीर भी मशीनों के ऊपर आश्रित हो गया है | हम अपने सारे काम मशीनों के द्वारा ही करते है | जिस वजह से हमारे  शरीर पर मोटापा बढता ही जा रहा है |

green tea मोटापे के लिए एक अच्छा विकल्प है | लेकिन इसे पिने का तरीका भी अलग हो |आप जब भी green tea पीयें चाहे वह कोई भी green tea हो | बस उसमे दो बूंद निम्बू  का  रस और एक चम्मच शहद जरूर मिला ले फिर चमत्कार देखे |

थोडा व्यायाम अवश्य करे |  मशीन जब तक चलेगी उसमे  जंग नहीं लगेगी | इसी तरह हम जब तक परिश्रम करेंगे स्वस्थ रहेंगे 

शनिवार, 2 फ़रवरी 2019

How to be careful in pregnancy


गर्भावस्था में कैसे रहे सावधान :

जब माता-पिता अस्वस्थ होते हैं, तब संतान भी रोगी होती है | और जब माता-पिता स्वस्थ होते हैं, तब संतान भी निरोगी होती है |  जैसे माता-पिता वैसे ही संतान जैसी भूमि वैसे ही उपज जैसा बीज वैसा ही फल उत्तम संतान के लिए उत्तम माता-पिता होना भी जरूरी है | इसलिए माता-पिता का आहार-विहार शुद्ध और साफ होना जरूरी है संतान में यदि अवगुण होंगे तो वे माता-पिता को भी चुभेंगे , फिर वह सब के जीवन को चिंता से भर देंगे इसलिए माता-पिता का परम कर्तव्य है | कि संतान का शारीरिक, मानसिक, नैतिक, आध्यात्मिक संरक्षण और पोषण करके आदर्श माता पिता बनेंं |









जब पति पत्नी का स्नेह व प्रेम से शारीरिक संबंध होता है तब उत्तम आत्मा उस घर में आती हैं | जब वे आपस में प्रेम से संबंधों में बनते हैं | तो उनका आपस में शरीर के साथ मानसिक और आध्यात्मिक संबंध भी होता है | उस समय सृष्टि में ब्रह्मांड में शुभ लक्षण होते हैं | 

यह नौ महीने स्त्री के लिए तपस्या के दिन होते हैं | अतः सदेव प्रसन्न रहें ज्यादा इच्छा, वासना ना रखें संतो के दर्शन करें अच्छा प्रेरणादायक साहित्य पढ़े |  

गर्भावस्था में स्वस्थ रहने के नियम :

1. प्रतिदिन सुबह 30 मिनट तक धूप में घूमना चाहिए यह विटामिन डी की कमी को पूरा कर देगा और बच्चे को जन्म के बाद पीलिया की बीमारी से बचायेगा |  

2. घूमने के बाद स्नान वगैरा करके 15 मिनट अपने इष्ट देव का ध्यान करें,  5 से 7 मिनट अनुलोम-विलोम प्राणायाम और प्रार्थना करके पांच तुलसी के पत्ते रविवार को छोड़कर रोज खाने चाहिए, प्रतिदिन  5 से 10 नीम के पत्ते खाएं | 

3. भोजन दिनचर्या के अनुसार होना चाहिए , भोजन के बाद थोड़ी सी सौंफ जरूर खानी चाहिए जिससे कि भोजन पच सके, भोजन करने के बाद सोना नहीं चाहिए थोड़ा सा टहल लेना चाहिए ताकि भोजन हजम हो सके और बच्चा स्वस्थ रहें |

4. गर्भावस्था के दिनों में नींद की गोली (sleeping pill) का उपयोग बिल्कुल ना करें अगर आप नींद की गोली (sleeping pill)  का प्रयोग करते हैं तो बच्चा मंदबुद्धि होगा |

5. प्रतिदिन 2 से 3 मिनट शशांक आसन में मत्था टेककर मूल बंद करने से डिलीवरी के बाद समस्याएं नहीं होती और शरीर जल्दी मजबूत बन जाता है |

6. प्रतिदिन दिन में दो बार दूध अवश्य पियेंं दूध के साथ चवनप्राश का सेवन शारीरिक विकास के लिए हितकर है, इससे बच्चा हष्ट पुष्ट होता है और उसका पेट साफ रहता है | 

7. अगर हो सके तो प्रतिदिन एक नारियल पानी अवश्य पीना चाहिए इससे बच्चे का पोषण ठीक से होता है |

8. गर्भवती स्त्री को हमेशा प्रसन्न रहना चाहिए कभी लड़ाई झगड़ा नहीं करना चाहिए | गर्भवती महिला को हमेशा सकारात्मक विचार में चाहिए तर्क कुतर्क से बचे निष्काम भाव से सेवा करें और हिम्मत रखें |

9 . डिलीवरी के बाद नाभि छेदन 2 से 3 मिनट के बाद करना चाहिए क्योंकि इस समय तक प्राण नाभि में होते हैं   2-3 मिनट में यह निष्क्रिय हो जाता है तब काटने से बच्चे को पीड़ा नहीं होती | और वह बच्चा पीड़ा से जन्म नहीं लेता और वह निडर होता है | जिन बच्चों का नाभि छेदन जल्दी होता है उनको पीड़ा होती है और उनमें जन्म से भय के संस्कार पड़ जाते हैं | ऐसे बच्चे  हमेशा भयभीत रहता है | 

10 . बच्चे के जन्म के बाद जन्म देने वाली मां को 40 दिन तक सादा पानी नहीं पीना चाहिए | अजवायन ,सौंफ़ ,सौंठ ,गर्मी में बड़ी इलायची ,सर्दी में छोटी इलायची , इन वस्तुओं को पानी में उबाल ले और  इस मिश्रित जल को छानकर रख ले | इस जल को प्रतिदिन ताज़ा बनाकर  40 दिन तक जन्म देने वाली माँ को पिलाना चाहिए | 
इस जल के पिने से गर्भाशय में से सारे जहरीले ,विजातीय द्रव एवं कण निकल जाते है और महिलाओंं को लम्बी आयु तक रोग नहीं होते है |


easy home remedies for heart disease



ह्रदय रोग :

ह्रदय रोग एक ऐसा कष्टकारी रोग है यह जब किसी के जीवन में  प्रवेश करता है | तो उसका जीवन बड़ा ही कष्टकारी हो जाता है |

 heart disease


 

ह्रदय रोग से बचाव के कुछ उपाय :




  1. सेब का मुरब्बा सुबह खाली पेट लेने से ह्रदय स्वस्थ रहता है |
  2. सुखा अदरक (सोठ ) का चूर्ण शहद में मिलाकर खाने से ह्रदय शक्तिशाली हो जाता है |
  3.  उक्त रक्तचाप वाले व्यक्तियों को तरबूज के रस में सेंधा नमक व् काली मिर्च मिलाकर लेना लाभप्रद       होता है |
  4. रात को गाजर भुनकर छिलकर खुले में रख दे ,सुबह इसमें  शक्कर और गुलाब जल मिलाकर खाली पेट    खाने से ह्रदय की धड़कन  समान्य हो जाएगी  | 
  5.  पांच  ग्राम मेथीदाना पीस ले और इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर सेवन करे  इससे दिल का दर्द जलन और घबराहट दूर होगी |  
  6. सर्पगंधा, आंवला, गिलोय, अर्जुन वृक्ष की छाल, पुनर्नवा और असगंध बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर पानी के साथ दिन में दो बार खाने से उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड) प्रेशर सामान्य हो जाता है |
  7. गर्मी के दिनों में कुछ लोगों को घबराहट और बेचैनी महसूस होती है | उस दौरान दिल की धड़कन तेज हो जाती है, ऐसे में गुलाब के पुष्पों को प्रातः काल धोकर चबाकर खाने से आराम मिलता है |
  8.  छोटी इलायची के दाने, पीपला मूल और परवल के पत्ते समान भाग में लेकर चूर्ण बनाकर उसमें 5 ग्राम शुद्ध घी डालें इसे चाटने से खेलने के रोग और दर्द मिट जाता है | 
  9. 200 ग्राम पानी में 30-35  किशमिश भिगो दें , 12 घंटे बीतने के बाद प्रातः काल से 1-1 किशमिश को 30  मिनट तक खूब चबा चबाकर खाएं लो ब्लड प्रेशर (निम्न रक्तचाप) में इससे पूर्ण लाभ होता है |
  10.  पीपल के कोमल पत्तों (कोपल) का रस 10 ग्राम इसमें शहद मिलाकर पिने से ह्रदय का दर्द बंद हो जाता है ,और ह्रदय की कमजोरी भी दूर होती है |                                                                                                                  

शुक्रवार, 1 फ़रवरी 2019

Ayurvedic treatment of asthma disease



दमा  (asthma) 

दमा के रोगियों के लिए देसी जड़ी बूटियों में एसी कई रामबाण औषधियाँ  है जिनकी सही जानकारी एवं उपाय दमा को जड़ से समाप्त का सकते है |


 Asthmatic patient 


परहेज :


दमा के रोगी दूध ,घी ,मख्खन ,तेल, खटाई,तेज मिर्च ,और मसालों , सिगरेट,बीडी  का परहेज करे | मख्खन निकला हुआ मठ्ठा सब्जियों के सूप आदि पिये |  




  1. 10 ग्राम फूली हुई फिटकरी  10 ग्राम मिश्री को पीस कर रख ले . 1 ग्राम चूर्ण  दिन में दो बार पानी के साथ लेने से अस्थमा में आराम मिलता है |
  2. दमे के रोगियों के लिए शहद ,प्याज ,लहसुन ,तुलसी की चाय और गुड अमृत समान है  दालचीनी मुह मे रखकर चूसने से बहुत आराम मिलता है |
  3. सर्दी के मौसम मे तिल -गुड के लड्डू या गजक का सेवन करते रहने से दमा ,खांसी ,जुकाम आदि रोगों मे बहुत आराम मिलता है इनका सेवन वैसे भी रोग -प्रतिरोधक शक्ति बढाने मे बहुत ही सहायक होता है |
  4. अगर सांस फूलती है या  हल्की दमे की शिकायत है तो पीपल ,कालीमिर्च ,सोंठ व् चीनी को समान मात्रा मे पीसकर दिन मे तीन से चार टाइम मुह में रख कर चुसना चाहिये या शहद मिलाकर खा लेना चाहिए |
  5. फूली हुई फिटकरी रत्ती भर मुह में रख कर चूसने से कफ नहीं बनता है और दमा के रोग मे भी आराम मिलता है |
  6. खांसी एवं दमा मे 5 ग्राम मुलेठी का चूर्ण 1 गिलास पानी मे उबाले जब पानी आधा रह जाए तो उस पानी को आधा सुबह और आधा शाम को पिये लगातार 5 दिन ऐसा करने से सारा कफ बहार निकल जाता है और खांसी और दमा में आराम मिलता है |
  7. यदि रोगी पान खाता है तो आक की छोटी सी कोपल सुबह -शाम पान मे डाल कर चबा ले |ऐसा करने से दमा से  जल्दी ही मुक्ति मिलेगी |