गुरुवार, 17 जनवरी 2019

Amazing power in basil

भारतीय परंपरा में तुलसी एक अत्यंत ही पवित्र पौधा है | भारतीय पुरुष एवं स्त्रियां इसकी पूजा 'तुलसी माता' कहकर करते हैं | औषधीय गुणों से परिपूर्ण तुलसी हमारे दैनिक जीवन में अत्यंत उपयोगी है |

 Basil plant




आइए जानते हैं तुलसी के औषधीय गुण:

1. सर्दी, खाँसी, बुखार में तुलसी का उपयोग :

मलेरिया, मियादी बुखार, सर्दी, खांसी आदि की शिकायत होने पर तुलसी के पत्तों के रस में अदरक का रस और  काली मिर्च का चूर्ण मिलाएं और शहद के साथ उसका सेवन करे |

2.  नपुंसकता रोग :

यह बहुत ही भयंकर रोग है , किन्तु तुलसी के बीजों का चूर्ण बनाकर एक ग्राम प्रतिदिन रात को सोते समय दूध के साथ सेवन करने से इस भयंकर रोग से मुक्ति मिलती है | अर्थात नपुंसकता जड़ से ख़त्म हो जाती है |

3.  उल्टी होने पर :

उल्टी होने पर तुलसी के रस को पुदीना और सौंंफ के अर्क में मिलाकर रोगी को पिलाएं उल्टी रोकने की अचूक दवा है |

4. सांप के काटने पर :

यदि विषैले सिर्प ने काट लिया है तो तुलसी की जड़ को पीसकर इसका लेप बना लेंं उसके बाद सर्प ने जहाँ  काटा है उस स्थान पर इस लेप को लगाये विष का प्रभाव बहुत कम हो जाएगा उसके बाद तुरंत डॉक्टर सहायता लें |

5. पेट के कीड़े :

अक्सर छोटे बच्चों के पेट में कीड़े पड़ जाते हैं , बच्चे रोते हैं , उनके पेट में मरोड़ होती है | तो ऐसी अवस्था में तुलसी का अर्क गुण में मिलाकर बच्चों को खिलाएं कीड़े मर जाएंगे |

6. मधुमेह :

मधुमेह रोग से मुक्ति पाने के लिए दस पत्ते तुलसी के और दस पत्ते गुड़मार के प्रातः काल पानी के साथ सेवन करे 

7. दाद :

तुलसी के पत्तो का अर्क निकालकर दिन में दो -तीन बार दाद पर लगायेंं शीघ्र लाभ मिलेगा |    

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